जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव ने पुणे में पश्चिमी क्षेत्र के राज्य जल सचिवों के सम्मेलन की अध्यक्षता की
जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव ने पुणे में पश्चिमी क्षेत्र के राज्य जल सचिवों के सम्मेलन की अध्यक्षता की
जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव श्री वी.एल. कांता राव ने जल क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझेदारी के लिए पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्रीय राज्य जल सचिवों के सम्मेलन की अध्यक्षता की।
इस सम्मेलन में समहाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, गोवा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव के जल संसाधन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, नई दिल्ली के अधिकारियों के अलावा विभाग के प्रमुख संगठनों के प्रमुख भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव ने सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए इसमें भाग लेने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा क्षेत्र में जल संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास एवं कृषि विभाग के विभिन्न संगठनों की सेवाओं/कार्यों के प्रभावी उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राष्ट्रीय सम्मेलन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए जल संसाधन विभाग, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच विस्तृत विचार-विमर्श हेतु ऐसे क्षेत्रीय सम्मेलनों के आयोजन की आवश्यकता पर भी बल दिया।
सम्मेलन के मुख्य कार्यसूची में शामिल थे-
राज्य सरकार के अधिकारियों ने अपने-अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा जल संसाधन क्षेत्र में उठाए गए कदमों पर प्रस्तुतियां दीं। सचिव ने राज्यों की प्रगति की समीक्षा की और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र-राज्य और अंतर-राज्यीय समन्वय को मजबूत करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने चल रही परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और प्राथमिकता वाले कार्यों की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्यों केक बीच तालमेल में कमियों को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने समापन भाषण में सचिव ने क्षेत्र में जल संसाधनों के सतत और प्रभावी विकास के लिए एकीकृत रणनीतियों को तैयार करने और उन्हें क्रियान्वित करने में बैठक के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जल संसाधन परियोजनाओं के समग्र विकास और प्रबंधन के लिए पूरी सहायता प्रदान करने की विभाग की प्रतिबद्धता को दोहराया।



- विभाग के अंतर्गत आने वाले संगठनों द्वारा सहभागी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में किए गए कार्यों की समीक्षा।
- भाग लेने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा प्रस्तुतियां।
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की प्रस्तुतियों पर चर्चा और उनकी समस्याओं/चिंताओं का समाधान।
- भाग लेने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा वन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और कृषि विभाग की सलाह पर अमल की समीक्षा।