Tuesday, January 13, 2026
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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गुजरात के आणंद जिले में CHARUSAT के 15वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गुजरात के आणंद जिले में CHARUSAT के 15वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गुजरात के आणंद जिले में चरोतर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (CHARUSAT) के 15वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज दीक्षांत समारोह के बाद ग्रेजुएट होकर यूनिवर्सिटी के छात्र देश, समाज, परिवार और स्वयं के उत्कर्ष के लिए विश्वविद्यालय से बाहर जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान छात्रों को इनोवेशन, रिसर्च और एजुकेशन की शिक्षा के साथ-साथ मूल्य आधारित शिक्षा और राष्ट्रभावना की सीख भी दी गई होगी। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का कथन — चरित्र निर्माण के बिना शिक्षा बेकार है हम सभी के जीवन का मूल वाक्य है। श्री शाह ने कहा कि केवल शिक्षा मानव, समाज या देश का कल्याण नहीं कर सकती। ज्ञान और चरित्र दोनों एक साथ होने पर ही मानव और समाज दोनों के लिए उपयोगी बनता है।

श्री अमित शाह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने कहा था कि शिक्षा मात्र डिग्री या स्किल बढ़ाने तक सीमित नहीं होती। युवाओं और विद्यार्थियों को अनुशासन के लिए, उनका चरित्र का निर्माण करने के लिए और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का परिचय कराने का काम शिक्षा का है। श्री शाह ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि चरोतर यूनिवर्सिटी ने यह काम अच्छी तरह से किया होगा। उन्होंने कहा कि आज 2129 विद्यार्थी यहाँ से डिग्री लेकर निकलेंगे। इनमें 45 छात्रों ने गोल्ड मेडल और 38 ने पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने इन छात्रों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।   

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि ज्ञान से सक्षमता आती है और जिस जीवन का उद्देश्य नहीं होता, वह जीवन कभी भी अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा कि जीवन में उन्हीं लोगों ने कुछ प्राप्त किया है, जिन्होंने उद्देश्य निश्चित करके उसकी पूर्ति के लिए पूरा जीवन समर्पित किया है। श्री शाह ने कहा कि आज डिग्री लेकर जा रहे विद्यार्थियों को अपने उज्ज्वल करियर के संकल्प के साथ-साथ समाज और भारत के लिए किए जाने वाले कार्यों का संकल्प भी लेना है। तभी जीवन का उद्देश्य निश्चित होगा, और उस उद्देश्य को पूरा करने के लिए परिश्रम की प्रेरणा मिलेगी। मैं क्या बनूंगा, यह सोचना ज़रूरी है, लेकिन यह विचार करना भी आवश्यक है कि मैं समाज और देश को क्या दूंगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज डिग्री प्राप्त कर रहे युवा ऐसे समय में ग्रेजुएट हुए हैं, जब भारत का अमृतकाल चल रहा है। भारत की आजादी के 75 वर्ष से 100 वर्ष की अवधि यानि पच्चीस वर्ष का यह कालखंड़ भारत के अमृतकाल के रूप में पहचाना जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी आजादी के 75 वर्षों में हमने काफी कुछ प्राप्त किया, और अनेक क्षेत्रों में प्रगति की, परंतु आजादी के 75 वर्ष से 100 वर्ष का यह कालखंड भारत के लिए अमृतकाल और संकल्पकाल है। श्री शाह ने कहा कि हमने देश में अनेक लक्ष्य प्राप्त किए है। 11 वर्ष पहले 2014 में देश की अर्थव्यवस्था 11 वें नंबर पर थी। आज हमारे देश का अर्थतंत्र विश्व में चौथे नंबर की इकोनोमी में आता है। उन्होंने कहा कि 31 दिसम्बर 2027 के दिन हम विश्व में तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था होंगे। 11वें नंबर से चौथे नंबर की अर्थव्यवस्था का अर्थ है देश के युवाओं के लिए अपार संभावनाएँ। उन्होंने कहा कि देश में एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया गया है जिस पर खड़े होकर भारत के बेटे और बेटियाँ विश्व भर के युवाओं से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में अनेक प्रकार के विकास की शुरुआत और सतत विकास की परंपरा स्थापित हुई है। इसके कारण पूरे विश्व में देश का सम्मान बढ़ा है और युवाओं के लिए विपुल संभावनाएँ खुली हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज पूरे विश्व में मैन्युफैक्चरिंग हब बना है। मोदी जी के नेतृत्व में हमने दस वर्षों में आगामी 25 वर्षों की विश्व की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाले क्षेत्र में फाउंडर मेंबर के रूप में भारत को स्थापित कर दिया है। ग्रीन एनर्जी में आज समग्र विश्व भारत को अनदेखा नहीं कर सकता। स्पेस में विश्व भारत को अनदेखा नहीं कर सकता। ग्रीन हाइड्रोजन में हमारी मजबूत शुरुआत हुई है। डिफेंस प्रोडक्शन में हमने दिन-दुगुनी रात-चौगुनी प्रगति की है। सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में थोड़ी देर से शुरुआत हुई, पर आज सेमीकंडक्टर-मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत के विकास को देखकर पूरा विश्व आश्चर्यचकित है। फार्मास्यूटिकल्स में विश्व की साठ प्रतिशत दवाइयाँ बनाने का काम केवल भारत करता है।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान देश के सामने संकल्प रखा कि जब 15 अगस्त 2047 को भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, तब भारत विश्व में हर क्षेत्र में सर्वप्रथम होगा। उन्होंने कहा कि यह पुरुषार्थ, परिश्रम और प्लानिंग युवा पीढ़ी के भविष्य और भविष्य के भारत के लिए है। उन्होंने कहा कि यह संकल्प मोदी जी का संकल्प न रहकर देश के 140 करोड़ लोगों का संकल्प बन गया है कि 15 अगस्त 2047 को हमारी भारत माता विश्व के सर्वोच्च स्थान पर विराजमान होगी।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि CHARUSAT से ग्रेजुएट, डॉक्टरेट या डबल ग्रेजुएट होकर निकलने वाले हर विद्यार्थी यह उद्देश्य अवश्य निश्चित करें कि वह 2047 में महान भारत की रचना के लिए अपने जीवन को समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि वह युवाओं को कुछ सीख देना चाहते हैं, पहला – जीवन में हमेशा बड़े सपने देखें, असफलता का डर निकाल दें और पुरुषार्थ करने की हिम्मत रखें, देखे गए सपने जरूर पूरे होंगे। दूसरा – टेक्निकल एजुकेशन प्राप्त युवा इस बात पर सतत विचार करें कि टेक्नोलॉजी का उपयोग समाज और देश के लिए किस प्रकार किया जा सकता है। तीसरा  – निरंतर सीखते रहें और अपने भीतर के विद्यार्थी को कभी मरने न दें। चौथा – सीखने के अलावा अन्य कोई मार्ग नहीं है। पाँचवाँ – टेक्नॉलजी के ज्ञान के मामले में कभी शॉर्टकट नहीं अपनाने का संकल्प लें, और छठा – देश से ऊपर कुछ नहीं है। अपना काम देश को 2047 में महान बनाने की कल्पना के साथ करें। 

गृह मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप कल्चर भारत के युवाओं का स्वभाव है। आज हम विश्व में स्टार्टअप की संख्या में और यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या में तीसरे नंबर पर हैं। स्टार्टअप कल्चर हमारे युवाओं का स्वभाव है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछले 11 वर्षों में देश में मूलभूत परिवर्तन हुआ है—सीटों की संख्या, कोर्स डिज़ाइन, एजुकेशन के बाद मिलने वाले अवसरों की संख्या में वृद्धि जैसे मूलभूत परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस की संख्या आजादी से 2014 तक 51 हजार थी, आज केवल 10 वर्ष में यह 51 हजार से बढ़कर 71 हजार पहुँच गई है। यूनिवर्सिटी 760 से बढ़कर 1391 हो गईं। कॉलेज 38 हजार 498 से बढ़कर आज 53 हजार हो गए हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 818 तक पहुँची है। एमबीबीएस सीट्स की संख्या 51 हजार से एक लाख 29 हजार हुई है। पीजी सीट्स की संख्या 31 हजार से 82 हजार हुई है। उन्होंने कहा कि दूरदर्शी प्लानिंग के साथ इस देश के हायर एजुकेशन बेस को व्यापक बनाने का काम बीते ग्यारह वर्षों में हुआ। इस हायर एजुकेशन से ग्रेजुएट होकर जो युवा बाहर निकलेंगे, उनके लिए अपार अवसरों की रचना का काम भी हुआ है।

श्री अमित शाह ने कहा कि चरोतर की भूमि ने भारत को बहुत कुछ दिया है। इस भूमि पर जन्मे सरदार वल्लभभाई पटेल, विठ्ठलभाई पटेल और एच. एम. पटेल जैसे नवरत्नों ने भारत को हर क्षेत्र में कुछ न कुछ दिया है। उन्होंने कहा कि आणंद में हाल ही में त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई है। उन्होंने कहा कि त्रिभुवनदास पटेल जी ने इस देश में सहकारिता का एक ऐसा विचार प्रस्थापित किया और उसे सफल बनाया, जो आज भी इस देश की जरूरत है। अमूल की स्थापना भी त्रिभुवनदास जी ने ही की थी। श्री शाह ने कहा कि को-ऑपरेटिव सेक्टर में आज अमूल विश्व की नंबर वन को-ऑपरेटिव संस्था है। गुजरात की बीस लाख से भी अधिक बहनें इससे जुड़ी हैं और आज अमूल का टर्नओवर एक लाख करोड़ रुपए का है। उन्होंने कहा कि अमूल की सफलता से पूरा विश्व आश्चर्यचकित है। उन्होंने कहा कि अमूल का मूल विचार चरोतर की इस भूमि ने दिया और सफलता भी इसी पवित्र भूमि पर मिली।

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