केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भारतीय डाक के विकास व कायाकल्प में तेजी लाने के लिए उच्च स्तरीय तीसरी तिमाही बिजनेस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भारतीय डाक के विकास व कायाकल्प में तेजी लाने के लिए उच्च स्तरीय तीसरी तिमाही बिजनेस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
डाक विभाग ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री की अध्यक्षता में वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के लिए ‘त्रैमासिक बिजनेस समीक्षा बैठक‘ आयोजित की। इस बैठक में देशभर के वरिष्ठ अधिकारियों और सर्किलों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया, ताकि प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों के प्रदर्शन की समीक्षा की जा सके और विकास को गति देने के लिए सुधारात्मक उपायों की पहचान की जा सके।
बैठक की शुरुआत में, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंडिया पोस्ट ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹17,546 करोड़ का महत्वाकांक्षी राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। उन्होंने उल्लेख किया कि इंडिया पोस्ट इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है और चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों के दौरान पहले ही ₹10,155 करोड़ प्राप्त कर चुका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रगति इंडिया पोस्ट के पार्सल और लॉजिस्टिक्स-संचालित संगठन बनने की ओर रणनीतिक बदलाव को दर्शाती है, जो ई-कॉमर्स, एकीकृत आपूर्ति श्रृंखला और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण की बढ़ती मांगों के अनुरूप है।

बिजनेस मीट 2025-26 की तीसरी तिमाही समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और डाक विभाग की सचिव सुश्री वंदिता कौल
तीसरी तिमाही के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने गौर किया कि हालांकि समग्र विकास के रुझान सकारात्मक हैं, लेकिन मुख्य कार्यक्षेत्रों—विशेष रूप से पार्सल, मेल और अंतर्राष्ट्रीय डाक—का प्रदर्शन अपेक्षा से कम रहा है। इस बात पर जोर देते हुए कि इंडिया पोस्ट का भविष्य का विकास काफी हद तक इसके कोर लॉजिस्टिक्स इंजन की मजबूती पर निर्भर करता है, केंद्रीय मंत्री ने जोर दिया कि पार्सल और डाक सेवाओं को अब “पूरी क्षमता के साथ” काम करना शुरू करना होगा। उन्होंने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे प्रमुख सर्किलों को—जो इंडिया पोस्ट के संभावित व्यवसाय का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा हैं—तत्काल सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाने का निर्देश दिया।
सर्किल-वार प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की गई। राजस्थान समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सर्किल के रूप में उभरा, जिसने तीसरी तिमाही के 82 प्रतिशत लक्ष्यों को प्राप्त किया। ‘पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक‘ खंड में, कर्नाटक ने अपने तीसरी तिमाही लक्ष्य का 112 प्रतिशत हासिल किया। ‘नागरिक केंद्रित सेवाओं‘ (सीसीएस) में दिल्ली (240 प्रतिशत) ने असाधारण प्रदर्शन किया, जिसके बाद महाराष्ट्र (166 प्रतिशत) और राजस्थान (165 प्रतिशत) का स्थान रहा। ‘पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस‘ (डाक जीवन बीमा) में, उत्तर प्रदेश 129 प्रतिशत उपलब्धि के साथ शीर्ष प्रदर्शनकर्ता बनकर उभरा। मेल ऑपरेशन में राजस्थान ने 153 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की।
छह कार्यक्षेत्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हुए, केंद्रीय संचार मंत्री ने ‘नागरिक केंद्रित सेवा‘ वर्टिकल के शानदार प्रदर्शन की सराहना की, जिसने 2024-25 ते तीसरी तिमाही की तुलना में 95% की असाधारण वृद्धि दर्ज की है। अन्य बेहतर प्रदर्शन करने वाले वर्टिकल में पार्सल (12% वृद्धि), डाक जीवन बीमा (11% वृद्धि) और पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक (07% वृद्धि) शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने सभी वर्टिकल प्रमुखों को विभिन्न सर्किलों का दौरा करने और जमीनी स्तर पर अपने वर्टिकल के प्रदर्शन का विश्लेषण करने का निर्देश दिया।

डाक सेवा बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी और सर्किलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल
रणनीतिक पहलों पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय मंत्री ने उल्लेख किया कि इंडिया पोस्ट अमेज़न और शिपरॉकेट जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स प्लेटफार्मों के साथ गठजोड़ के माध्यम से अपने पार्सल व्यवसाय को मजबूत कर रहा है। उन्होंने गवर्मेंट टू गवर्मेंट के विस्तार पर भी जोर दिया, जिसमें कीटनाशक सत्यापन के लिए कृषि मंत्रालय और स्वयं सहायता समूहों को सहायता प्रदान करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ किए गए एमओयू का जिक्र किया। वित्तीय समावेशन के मोर्चे पर एएमएफआई, बीएसई और एनएसई के साथ साझेदारी को मजबूत किया गया, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में एक भरोसेमंद ‘लास्ट-माइल‘ संस्था के रूप में इंडिया पोस्ट की भूमिका और सुदृढ़ हुई है।
भविष्य की राह पर जोर देते हुए, केंद्रीय मंत्री ने तत्काल ‘पीयर लर्निंग‘ और ‘बेंचमार्किंग‘ का निर्देश दिया, ताकि कम प्रदर्शन करने वाले सर्किल पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और तेलंगाना जैसे अग्रणी प्रदर्शन करने वाले सर्किलों की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपना सकें। उन्होंने पार्सल, मेल, सीसीएस और पीएलआई/आरपीएलआई पर चुनिंदा सर्किलों द्वारा केंद्रित प्रस्तुति देने का आह्वान किया। उन्होंने मापने योग्य परिणामों के साथ स्पष्ट जवाबदेही, खराब प्रदर्शन के प्रति जीरो टालरेंस और सभी सर्किलों से संतुलित योगदान की आवश्यकता पर बल दिया।
केंद्रीय मंत्री ने रेखांकित किया कि इंडिया पोस्ट ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में ₹10,155 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान यह ₹9,385 करोड़ था, जो तीसरी तिमाही तक साल-दर-साल 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने अगले 4-5 वर्षों के भीतर राजस्व वृद्धि और दक्षता में सुधार के माध्यम से संगठन को एक ‘प्रॉफिट सेंटर‘ बनाने के उद्देश्य को दोहराया।
चौथी तिमाही के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय मंत्री ने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष अकेले चौथी तिमाही ने लगभग ₹4,500 करोड़ का योगदान दिया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इसी तरह की बढ़ोतरी इंडिया पोस्ट को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹17,546 करोड़ के अपने महत्वाकांक्षी राजस्व लक्ष्य के करीब पहुंचने में मदद करेगी, बशर्ते पार्सल और डाक सेवाएं मजबूत विकास इंजन के रूप में उभरें और सभी सर्किल संतुलित प्रदर्शन करें।
समीक्षा का समापन करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने देशभर में इंडिया पोस्ट के कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों की सराहना की और “डाक सेवा, जन सेवा” के आदर्श वाक्य से प्रेरित होकर नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के प्रति संगठन की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप, इंडिया पोस्ट को एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और ग्राहक-केंद्रित लॉजिस्टिक्स और सेवा संगठन में बदलने के लिए अनुशासित निष्पादन, पीयर लर्निंग और प्रभावी नेतृत्व को प्रमुख कारकों के रूप में रेखांकित किया। वित्त वर्ष 2025-26 के समापन के उपलक्ष्य में, चौथी तिमाही की समीक्षा अप्रैल में निर्धारित की गई है।
Started the day on a highly productive note with an extensive four-hour-long review of the 23 Postal Circles of @IndiaPostOffice for Q3 of FY 2025–26.
With a clear transition from a cost centre to a profit centre, the collective aim is to achieve 30% growth over the previous… pic.twitter.com/Uo2HzLUIBA
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