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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने राष्‍ट्रीय व्‍यापार नेतृत्‍वकर्ता सम्‍मेलन को संबोधित किया

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने राष्‍ट्रीय व्‍यापार नेतृत्‍वकर्ता सम्‍मेलन को संबोधित किया

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने राष्‍ट्रीय व्‍यापार नेतृत्‍वकर्ता सम्‍मेलन को संबोधित किया, जहां उन्होंने व्‍यापार सुगमता को मज़बूत करने और श्रमिकों के कल्‍याण को बढ़ाने के उद्देश्‍य से किए गए हालिया सुधारों पर प्रकाश डाला।

श्री गोयल ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को याद किया, जिनकी विरासत को लगभग 350 वर्षों बाद स्‍मरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा स्‍थापित आदर्शों का पालन करना राष्‍ट्र को गर्व और सम्मान दिलाएगा तथा देश के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने आगे कहा कि जिस विज़न से गुरु तेग बहादुर जी ने राष्‍ट्र को एकजुट किया, उसे याद रखना भारत की प्रगति को निरंतर मार्गदर्शन देता रहेगा।

मंत्री महोदय ने कहा कि जन विश्वास के माध्‍यम से प्रक्रियाओं को सरल बनाकर और अनुपालन बोझ को कम करके व्‍यापार सुगमता में उल्‍लेखनीय सुधार किया गया है। वन नेशन, वन लाइसेंसके विचार पर सुझावों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि एक पायलट पहल के रूप में दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्य राज्‍य और नगर निगम के व्‍यापार लाइसेंसों को एकीकृत करने के लिए एक एकल ऑनलाइन पोर्टल बनाने पर विचार कर सकते हैं।

श्री गोयल ने यह भी कहा कि हाल ही में लागू किए गए चार श्रम संहिताएं असंगठित श्रमिकों और गिग वर्कर्स को पर्याप्‍त लाभ प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि इन श्रमिकों को पहले कई फॉर्म, निरीक्षण और जटिल नियमों से जूझना पड़ता था, जबकि नया ढांचा प्रक्रियाओं को सरल बनाता है और उचित सुविधाओें, सामाजिक सुरक्षा तथा बेहतर कामकाजी परिस्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करता है। उन्होंने आगे कहा कि इन सुधारों का नियोक्‍ताओं और कर्मचारियों दोनों ने स्वागत किया है।

श्री गोयल ने व्‍यापारियों को स्वदेशी उत्‍पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्‍साहित किया। उन्होंने कहा कि आपूर्तिकर्ताओं को उत्‍पाद पैकेजिंग पर विनिर्माण स्‍थान का स्‍पष्‍ट रूप से उल्‍लेख करना चाहिए और सुझाव दिया कि दुकानें यह प्रदर्शित कर सकती हैं कि वे स्वदेशी सामान बेचती हैं। उन्होंने मेड इन इंडियाउत्‍पादों की उपस्थिति का विस्‍तार करने के महत्‍व पर बल दिया।

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