केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने फर्जी पत्र के संदर्भ में स्पष्टीकरण देते हुए असम भाजपा में दरार की खबरों को पूरी तरह गलत व निराधार करार दिया
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने फर्जी पत्र के संदर्भ में स्पष्टीकरण देते हुए असम भाजपा में दरार की खबरों को पूरी तरह गलत व निराधार करार दिया
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के कार्यालय ने मीडिया के कुछ हिस्सों में प्रसारित हो रही उन खबरों को गंभीरता से लिया है, जिनमें कहा गया है कि असम भाजपा के अंदरूनी मतभेद नई दिल्ली तक पहुंच गए हैं। यह रिपोर्ट कथित तौर पर श्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखे गए एक पत्र पर आधारित बताई जा रही है।
कार्यालय यह स्पष्ट करता है कि वह पत्र, जिसमें असम में नेतृत्व परिवर्तन की मांग की गई है और वर्तमान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर आरोप लगाए गए हैं, पूरी तरह से फर्जी, मनगढ़ंत और जाली है। इसमें जाली आधिकारिक लेटरहेड का उपयोग किया गया है और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस तरह की धोखाधड़ीपूर्ण सामग्री का प्रसार एक गंभीर अपराध है, जिसमें जालसाजी, पहचान की नकल और सरकारी दस्तावेजों का दुरुपयोग शामिल होता है। इसका मुख्य उद्देश्य झूठी जानकारी फैलाना और संवैधानिक प्राधिकरण की छवि को धूमिल करना है।
इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अनुरोध किया गया है कि प्राथमिकता के आधार पर वे मामले की जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें।
केंद्रीय मंत्री का कार्यालय प्रसारित रिपोर्टों में किए गए दावों को सख्ती से खारिज करते हुए यह स्पष्ट करता है कि श्री सर्बानंद सोनोवाल से जुड़ी किसी आंतरिक प्रतिद्वंद्विता या पत्राचार के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।
आम जनता और मीडिया को सलाह दी जाती है कि वे इस तरह की फर्जी व अपुष्ट सामग्री पर भरोसा न करें और न ही इसे प्रसारित करें। जानकारी की पुष्टि केवल आधिकारिक और अधिकृत स्रोतों से ही करने की सलाह भी दी गई है।
