ऑटोमोटिव और एसीसी बैटरी भंडारण के लिए पीएलआई योजना
ऑटोमोटिव और एसीसी बैटरी भंडारण के लिए पीएलआई योजना
आंध्र प्रदेश राज्य में ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए उत्पादन–आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना (पीएलआई ऑटो स्कीम) के अंतर्गत, 4 विनिर्माण इकाइयाँ हैं जिनका (30.09.2025 तक) कुल निवेश 1,142.28 करोड़ रुपये है। पीएलआई ऑटो योजना की 30.09.2025 तक, देशव्यापी स्थिति निम्नलिखित है:
पैरामीटर
30.09.2025 तक संचयी
निवेश
35,657 करोड़ रुपये
वृद्धिशील बिक्री (आधार वर्ष वित्त वर्ष 2019-20)
32,879 करोड़ रुपये
रोज़गार (संख्या)
48,974
प्रोत्साहन
1,350.83 करोड़ रुपये (30.11.2025 तक)
उन्नत रसायन सेल (एसीसी) बैटरी स्टोरेज (पीएलआई–एसीसी) के लिए उत्पादन से संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के अंतर्गत, 50 गीगावाट घंटा की कुल लक्षित क्षमता में से, 40 गीगावाट घंटा एसीसी क्षमता चार लाभार्थी फर्मों को प्रदान की गई है। लाभार्थी फर्मों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत 31.10.2025 तक 1 गीगावाट घंटा क्षमता स्थापित की जा चुकी है, 2,878 करोड़ रुपये का संचयी निवेश और रोजगार के 1,118 अवसर सृजन प्राप्त हुए हैं।
पीएलआई–ऑटो और पीएलआई–एसीसी दोनों योजनाएँ अखिल भारतीय योजनाएँ हैं और इनमें विनिर्माण इकाइयाँ स्थापित करने के लिए विशेष स्थानों की आवश्यकता नहीं होती है। कंपनियाँ रणनीतिक व्यावसायिक आवश्यकताओं, बुनियादी ढाँचे और संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर अपने पसंदीदा स्थान चुन सकती हैं, जिससे पूरे भारत में सुविधाएँ स्थापित करने में सुगमता सुनिश्चित होती है।
भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।