एपीईडीए ने इंडसफूड 2026 में भारती स्टार्टअप चैलेंज का आयोजन किया, विजेताओं को दुबई में गल्फफूड और जर्मनी में बायोफ़ेच में भाग लेने का अवसर मिलेगा
एपीईडीए ने इंडसफूड 2026 में भारती स्टार्टअप चैलेंज का आयोजन किया, विजेताओं को दुबई में गल्फफूड और जर्मनी में बायोफ़ेच में भाग लेने का अवसर मिलेगा
भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने इंडसफूड 2026 में भाग लिया, जिसके दौरान इसने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए भारती स्टार्टअप चैलेंज का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य निर्यात के लिए तैयार स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, बाजार तक पहुंच और नीतिगत सहायता प्रदान करके उनका समर्थन करना है। इस चैलेंज से चयनित स्टार्टअप्स को दुबई में गल्फूड और जर्मनी में बायोफ़ेच में भाग लेने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, जिससे वे वैश्विक बाजार में अवसरों का पता लगा कर भारत के कृषि-निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर सकेंगे।
APEDA की भागीदारी का एक अन्य प्रमुख आकर्षण भारती स्टार्टअप ज़ोन था, जिसमें 100 से अधिक प्रदर्शकों ने भाग लिया और मूल्यवर्धन, कृषि प्रौद्योगिकी, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, ट्रेसबिलिटी और निर्यात के लिए स्थायी समाधान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम कर रहे नवोन्मेषी कृषि स्टार्टअप्स को प्रदर्शित किया। यह ज़ोन नवाचार को बढ़ावा देने और स्टार्टअप्स को भारत के कृषि-निर्यात विकास में अभिन्न योगदानकर्ता बनाने के प्रति एपीईडीए के केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।
भारती स्टार्टअप जोन ने यह प्रदर्शित किया कि कैसे उद्यमिता और प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान भारत की कृषि मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत कर रहे हैं, लघु एवं मध्यम उद्यमों का समर्थन कर रहे हैं, किसानों को सशक्त बना रहे हैं और वैश्विक बाजारों में भारत की उपस्थिति को बढ़ा रहे हैं।
एपीईडीए पवेलियन निर्यात के लिए तैयार कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों, गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों, ट्रेसबिलिटी पहलों, जीआई-टैग वाले उत्पादों और सतत विकास को बढ़ावा देने वाले तरीकों को प्रदर्शित करने वाला एक जीवंत मंच साबित हुआ। इस पवेलियन ने निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्टार्टअप्स और वैश्विक खरीदारों को एक साथ लाया, जिससे कृषि-निर्यात मूल्य श्रृंखला में सार्थक बातचीत और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा मिला।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, उद्योगपतियों और कृषि-निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े हितधारकों की उपस्थिति में किया।
इंडसफूड 2026 में एपीईडीए की भागीदारी ने भारत सरकार के व्यापार करने में आसानी, एमएसएमई सशक्तिकरण, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और टिकाऊ कृषि निर्यात पर ध्यान केंद्रित करने को रेखांकित किया, साथ ही नीति, उद्योग और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के बीच सहयोग को मजबूत किया और भारत को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के एक विश्वसनीय और भविष्य के वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित किया।