उपराष्ट्रपति की मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू, कनुमा, उत्तरायण, टुसू परब और फसलों के अन्य त्योहारों के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं
उपराष्ट्रपति की मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू, कनुमा, उत्तरायण, टुसू परब और फसलों के अन्य त्योहारों के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं
मैं अपने भाइयों और बहनों, विशेषकर हमारे किसान समुदाय को मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू, कनुमा, उत्तरायण, टुसू परब और इस समय देश भर में मनाए जाने वाले फसलों के अन्य त्योहारों के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं।
हमारे देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों और रीति-रिवाजों के तहत मनाए जाने वाले ये त्योहार मौसम में बदलाव, सूर्य की उत्तर दिशा में यात्रा और महीनों की मेहनत एवं लगन से उगाई गई फसलों की कटाई की शुरुआत का संकेत देते हैं। ये सभी मिलकर कृषि एवं प्रकृति के साथ भारत के अटूट सभ्यतागत जुड़ाव को दर्शाते हैं और उस एकता को रेखांकित करते हैं, जो हमारी समृद्ध विविधता का आधार है।
यह मौसम मुझे तिरुवल्लुवर की गहरी समझ की याद दिलाता है, जिन्होंने कृषि की प्रधानता और किसान की गरिमा का गुणगान किया था:
“சுழன்றும்ஏர்ப் பின்னது உலகம் அதனால்
உழந்தும் உழவே தலை.”
ये कालातीत कथन इस बात की पुष्टि करते हैं कि तमाम प्रगति के बावजूद दुनिया आखिरकार जुताई पर ही निर्भर है, जिससे कृषि सभी कामों में सबसे अहम बन जाती है।
भारत की कृषि संबंधी विरासत उसकी अर्थव्यवस्था, संस्कृति और सामाजिक जीवन का आधार रही है।
भारत ने कृषि को सुदृढ़ करने और किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए दूरगामी कदम उठाए हैं। आय की सुरक्षा सुनिश्चित करने, संस्थागत ऋण का विस्तार करने, मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाने, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने, फसल बीमा को प्रोत्साहित करने, डिजिटल तकनीक का लाभ उठाने तथा बाजार तक पहुंच बढ़ाने जैसे उपायों ने किसानों को सशक्त बनाने और कृषि को अपेक्षाकृत अधिक सुदृढ़ एवं टिकाऊ बनाने में मदद की है। ये प्रयास विकास के केन्द्र में किसानों को रखने और कृषि को भारत की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति के आधार के रूप में पहचानने के देश के संकल्प की पुष्टि करते हैं।
इस शुभ अवसर पर, आइए हम अपने किसान समुदाय का समर्थन करने, अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने और एक समावेशी, सुदृढ़ एवं समृद्ध भारत के लिए मिलकर काम करने का अपना संकल्प दोहराएं।
मैं सभी नागरिकों की प्रसन्नता, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूं।
जय हिन्द। भारत माता की जय।