“उत्पादन/आय विधि का उपयोग करते हुए राष्ट्रीय लेखा समुच्चयों के संकलन में पद्धतिगत सुधार” पर चर्चा पत्र का विमोचन
“उत्पादन/आय विधि का उपयोग करते हुए राष्ट्रीय लेखा समुच्चयों के संकलन में पद्धतिगत सुधार” पर चर्चा पत्र का विमोचन
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) राष्ट्रीय लेखाओं के आधार वर्ष को संशोधित करने की प्रक्रिया में है। प्रोफेसर बीएन गोल्डार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी (ACNAS) पर एक सलाहकार समिति गठित की गई है, जो अन्य बातों के अलावा, राष्ट्रीय लेखाओं के अनुमानों में सुधार हेतु नए डेटा स्रोतों को शामिल करने और आर्थिक विश्लेषण एवं नीति निर्माण के उद्देश्यों हेतु राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी के संकलन एवं प्रस्तुतिकरण की कार्यप्रणाली पर सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय को सलाह देगी। समिति में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों, राज्य सरकारों, शैक्षणिक जगत और अनुसंधान संस्थानों का प्रतिनिधित्व है।
वित्त वर्ष 2022-23 को नई श्रृंखला के लिए आधार वर्ष चुना गया है और नई श्रृंखला के अनुमान 27 फरवरी, 2026 को जारी किए जाने हैं। राष्ट्रीय लेखा आंकड़ों के उपयोगकर्ताओं को नई श्रृंखला में किए जा रहे बदलावों से अवगत कराने के उद्देश्य से, मंत्रालय ने राष्ट्रीय लेखा पर कुछ चर्चा पत्र जारी करने की योजना बनाई है। यह पहला चर्चा पत्र है जो नाममात्र और वास्तविक दोनों ही दृष्टियों से समुच्चयों (उत्पादन/आय दृष्टिकोण का उपयोग करके) के संकलन में बदलावों पर केंद्रित है। यह चर्चा पत्र सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की वेबसाइट – www.mospi.gov.in पर उपलब्ध है । अगले चर्चा पत्र में व्यय दृष्टिकोण का उपयोग करके समुच्चयों के संकलन में पद्धतिगत बदलावों को शामिल किए जाने की उम्मीद है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) इस चर्चा पत्र पर विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, सरकारी निकायों, राज्य सरकारों, वित्तीय संस्थानों, राष्ट्रीय लेखा डेटा के उपयोगकर्ताओं और अन्य हितधारकों से टिप्पणियाँ/प्रतिक्रियाएँ आमंत्रित करता है। टिप्पणियाँ/प्रतिक्रियाएँ 10 दिसंबर, 2025 तक ईमेल आईडी- ddg1.nad@mospi.gov.in पर साझा की जा सकती हैं ।