आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट में स्थित मंदिर
आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट में स्थित मंदिर
आध्यात्मिक स्थलों और विख्यात मंदिरों सहित पर्यटन स्थलों की पहचान, विकास और उनके बारे में प्रचार मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा किया जाता है। पर्यटन मंत्रालय विभिन्न योजनाओं द्वारा राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है ताकि योजना दिशानिर्देशों, सरकारी निर्देशों, आपसी प्राथमिकताओं और बजट उपलब्धता आदि के अनुरूप विस्तृत परियोजना प्रस्ताव प्राप्त होने पर परियोजनाओं को स्वीकृति देकर प्रयासों को पूरक बनाया जा सके।
पर्यटन मंत्रालय ने 2014-15 में स्वदेश दर्शन योजना आरंभ की। इसका उद्देश्य देश में आध्यात्मिक, बौद्ध, कृष्ण, रामायण, तीर्थंकर आदि थीम आधारित पर्यटन क्षेत्रों के अंतर्गत पर्यटन ढांचे का विकास करना है। इस योजना को अब संधारणीय और दायित्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के विकास के उद्देश्य से द्वितीय स्वदेश दर्शन योजना के रूप में संशोधित किया गया है। मंत्रालय स्वदेश दर्शन की एक उप-योजना ‘चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (सीबीडीडी)’ के तहत राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को वित्तीय सहायता भी प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने 2014-15 में चिन्हित किये गये तीर्थ और विरासत स्थलों पर समेकित विकास के उद्देश्य से ‘तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद)’ भी आरंभ किया।
इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों के विकास के तहत राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता (एसएएससीआई) देने के लिए देश में 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसका प्राथमिक उद्देश्य देश में प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों का व्यापक विकास करना, उन्हें ब्रांड के रूप में प्रस्तुत कर वैश्विक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करना है।
इन योजनाओं के अंतर्गत तीर्थस्थलों और आध्यात्मिक स्थलों पर स्वीकृत परियोजनाओं के लिए, पर्यटन मंत्रालय, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को पहुंच मार्गों और पार्किंग सुविधाओं के निर्माण और उनके उन्नयन के लिए आवश्यक सुविधाएं; भूनिर्माण, पैदल मार्ग, सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था और मंडप जैसी सुविधाएं विकासित करने; तथा स्मारिका विक्रय केंद्र, प्रतीक्षा कक्षों आदि के साथ बहु-व्यंजन भोजनालयों सहित पर्यटक सुविधा अवसंरचना निर्मित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
उपर्युक्त योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं जिनमें तीर्थ स्थलों और आध्यात्मिक स्थलों पर स्थित परियोजनाएं शामिल हैं का विवरण संलग्न है।
पर्यटन मंत्रालय तीर्थयात्रियों की संख्या से संबंधित विशिष्ट आंकड़े नहीं रखता। हालांकि, पर्यटन मंत्रालय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से घरेलू पर्यटक यात्राओं के आंकड़े एकत्र और संकलित करता है, जिनमें तीर्थयात्रा के उद्देश्य से की गई यात्राएं भी शामिल हैं। वर्ष 2019 से 2024 के दौरान घरेलू पर्यटक यात्राओं (डीटीवी) का विवरण निम्नानुसार है:
वर्ष
घरेलू पर्यटक यात्रा का विवरण (मिलियन में)
2019
2321.98
2020
610.22
2021
677.63
2022
1731.01
2023
2508.82
2024
2948.19
स्रोत : राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पर्यटन विभाग
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।