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आतिथ्य, परिवहन और सांस्कृतिक क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए जीएसटी सुधार

आतिथ्य, परिवहन और सांस्कृतिक क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए जीएसटी सुधार

 

परिचय

 

सरकार ने भारतीय पर्यटन क्षेत्र को ज्यादा किफायती बनाने, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाने तथा शिल्पकारों और सांस्कृतिक उद्योगों की मदद करने के उद्देश्य से जीएसटी को तर्कसंगत बनाने के महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की है। जीएसटी में इन कटौतियों से स्वदेशी पर्यटन को मजबूती, सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा और संबंधित क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किए गए ये सुधार संवहनीय और समावेशी विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। इनसे आतिथ्य, परिवहन और पारंपरिक शिल्प के क्षेत्रों में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इनसे भारतीय पर्यटन क्षेत्र के वैश्विक महामारी के बाद पटरी पर लौटने में भी तेजी आएगी।

 

होटलों (<7,500/प्रतिदिन) पर जीएसटी 12% से घटा कर 5% किया गया (आईटीसी के बिना)

 

बसों (10 से ज्यादा व्यक्तियों की क्षमता वाले) पर जीएसटी 28% से घटा कर 18% किया गया।

 

 

2021 से 2024 तक भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में काफी वृद्धि हुई। वर्ष 2021 में यह संख्या 15.27 लाख थी जो 2024 में बढ़ कर 99.52 लाख हो गई। यह वैश्विक महामारी के बाद भारतीय पर्यटन क्षेत्र के मजबूत विकास का संकेत है। यह वृद्धि इस काल में अंतरराष्ट्रीय यात्रा के ठोस ढंग से पटरी पर लौटने और पर्यटन गंतव्य के रूप में भारत में बढ़ती दिलचस्पी को प्रतिबिंबित करती है।

 

कला और सांस्कृतिक सामग्रियों पर जीएसटी 12% से घटा कर 5% किया गया।

 

भारत सरकार ने शिल्पकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं को सक्रिय समर्थन देने के साथ ही पारंपरिक कलाओं, स्मारकों और विरासत स्थलों समेत देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्द्धन, डिजिटलीकरण तथा वैश्विक स्तर पर प्रदर्शन के लिए संस्कृति मंत्रालय के जरिए व्यापक प्रयास शुरू किए हैं।

 

संभावित प्रभाव

 

 

निष्कर्ष

 

जीएसटी दरों में यह कटौती किफायत में वृद्धि, पारंपरिक शिल्पकारों को सहायता और संवहनीय परिवहन को प्रोत्साहन के जरिए भारतीय पर्यटन और सांस्कृतिक क्षेत्रों को मजबूती देने की सरकार की रणनीतिक कोशिश को प्रतिबिंबित करती है। इस कोशिश से सुगम्यता में वृद्धि आएगी और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को बल मिलेगा। साथ ही यह महत्वपूर्ण आर्थिक विकास, रोजगार सृजन तथा जीवंत और समावेशी गंतव्य के रूप में भारत की छवि विश्व भर में निखारने का जरिया बनेगी।

 

संदर्भ:

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2150695

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2157553

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