अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने भारत की श्रम संहिताओं की सराहना की; सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास के लिए वैश्विक प्रगति पर प्रकाश डाला
अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने भारत की श्रम संहिताओं की सराहना की; सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास के लिए वैश्विक प्रगति पर प्रकाश डाला
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) और अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (आईएसएसए) जैसे प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने 21 नवंबर 2025 को चार श्रम संहिताओं को लागू करने की भारत सरकार की घोषणा का स्वागत किया है। इन सुधारों को सामाजिक सुरक्षा को मज़बूत करने, न्यूनतम वेतन ढांचे को बेहतर बनाने और संस्थागत क्षमता निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम मानते हुए इन वैश्विक निकायों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत के प्रयास समावेशी और आधुनिक श्रम प्रणालियों पर व्यापक अंतर्राष्ट्रीय विमर्श में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उनकी टिप्पणियां वैश्विक श्रम और सामाजिक सुरक्षा मानकों को आकार देने में भारतीय नेतृत्व की पहल को दर्शाती है।
आईएलओ महानिदेशक ने भारत के श्रम सुधारों की सराहना की
Following with interest developments of India’s new Labour Codes announced today, including on social protection & minimum wages.
Social dialogue among govt, employers & workers will remain essential as reforms are implemented to ensure they’re positive for workers and business.
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के महानिदेशक ने अपनी पोस्ट में कहा: “सामाजिक सुरक्षा और न्यूनतम मजदूरी को शामिल करते हुए आज घोषित भारत की नयी श्रम संहिताओं के घटनाक्रमों पर ध्यान रख रहा हूं। सरकार, नियोक्ताओं और श्रमिकों के बीच सामाजिक संवाद ज़रूरी रहेगा क्योंकि सुधारों को लागू किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे श्रमिकों और व्यवसायों के लिए सकारात्मक हों।”
आईएसएसए ने भारत की श्रम संहिताओं का स्वागत किया
India’s Labour Codes add momentum to global efforts for stronger, more inclusive social security systems
ISSA welcomes this milestone and encourages sustained investment in coverage, protection and institutional capacity https://t.co/NWBuVmDCwL
आईएसएसए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’’ पर अपनी पोस्ट में कहा: “भारत की श्रम संहिताएं मज़बूत और अधिक समावेशी सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों के लिए वैश्विक प्रयासों को गति प्रदान करती हैं। आईएसएसए इस उपलब्धि का स्वागत करता है और इसके दायरे, सुरक्षा तथा संस्थागत क्षमता में निरंतर निवेश को प्रोत्साहित करता है।”
भारत की श्रम संहिताओं, विशेष रूप से उचित वेतन को बढ़ावा देने, सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करने और कार्यबल के अधिक औपचारिकीकरण को बढ़ावा देने के प्रति प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों के ये बयान सकारात्मक अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया को दर्शाते हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने भारत के श्रम पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने तथा सुधारों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक संस्थानों और घरेलू हितधारकों के साथ निरंतर सहयोग के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की है।
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